राजस्थान के सभी 15 लाख कृषि कनेक्शनों को दो साल में कुसुम योजना व सोलर सिस्टम से दिन के समय बिजली मिलने लगेगी। जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम अब कृषि कनेक्शनों के लिए अलग बिजली लाइनें खींच रहा है।

कृषि, उद्योग व घरेलू लाइनों के फीडर को अलग करने का काम चल रहा है। इसके बाद प्रदेश के सभी कृषि कनेक्शनों को केवल दो ब्लॉक में बिजली सप्लाई की जाएगी।

कुसुम योजना में भी गांवों में सोलर प्लांट तैयार किए जा रहे है। ताकि सिस्टम पर खर्चा नहीं करना पड़े। मार्च 2022 तक जयपुर, भरतपुर, सीकर, झुंझनू व जोधपुर जिले के किसानों को दिन में बिजली मिलेगी।

राजस्थान के 17 जिलों में किसानों को तीन ब्लॉक में बिजली सप्लाई हो रही है। हर ग्रिड सब-स्टेशन पर रोटेशन के अनुसार दिन के दो ब्लॉक व रात के एक ब्लॉक में कृषि कनेक्शनों को बिजली मिलती है। ऐसे में सर्द रात में किसानों को खेती में बोई फसल की सिंचाई करनी पड़ती है। सर्दी के कारण कई किसानों की मौत भी हो जाती है।

किसान लंबे समय से दिन में बिजली देने की मांग कर रहे थे। अब यहां 33 केवी के नए जीएसएस बनाने, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, लाइनों की मेंटेनेंस काम करने के साथ ही 132 व 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन से जुड़ा काम किया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि सिस्टम में सुधार किया जा रहा है। अगले दो साल में किसानों को खेती के लिए दिन में समय बिजली मिलेगी।

Source:jaisalmernews.com